कुछ तो नशा है तेरे पैगाम का ... 

बिन पिये ही मैं तो बहकती हूँ तेरे आने की खबर से महकती हूँ 

ये राहें ले जायेंगी मंज़िल तक.... हौसला रख ए मुसाफ़िर.... कभी सुना है क्या.... अंधेरे ने सवेरा होने ना दिया.....